संज्ञा (Noun)


संज्ञा (Noun)


परिभाषा :
'संज्ञा' शब्द का अर्थ नाम होता है। किसी व्यक्ति, वस्तु, स्थान, प्राणी, गुण, भाव, अवस्था अथवा द्रव्य के नाम को संज्ञा कहते हैं।

उदाहरण

  1. राम और राधा वाराणसी जाते हैं।
  2. सीता कुर्सी पर बैठी है।
  3. सभी मनुष्यों से प्रेम करना चाहिए।
  4. बचपन में सोहन बहुत सुंदर था।

इन वाक्यों में राम, राधा, सीता व्यक्ति के नाम हैं, वाराणसी स्थान का नाम है, कुर्सी वस्तु का नाम है, मनुष्य जाति का नाम है, प्रेम भाव का नाम है तथा बचपन अवस्था का नाम है। अतः ये सभी संज्ञा हैं।


संज्ञा के भेद

मुख्य रूप से संज्ञा के तीन भेद माने जाते हैं—

  1. व्यक्तिवाचक संज्ञा
  2. जातिवाचक संज्ञा
  3. भाववाचक संज्ञा

कुछ व्याकरणाचार्यों ने इसके दो अन्य भेद भी बताए हैं—

  1. समूहवाचक संज्ञा
  2. द्रव्यवाचक संज्ञा

इन दोनों को सामान्यतः जातिवाचक संज्ञा का ही उपभेद माना जाता है।


1. व्यक्तिवाचक संज्ञा (Proper Noun)

परिभाषा :
जिस संज्ञा शब्द से किसी विशेष व्यक्ति, विशेष स्थान अथवा विशेष वस्तु का बोध हो, उसे व्यक्तिवाचक संज्ञा कहते हैं।

उदाहरण

  • राम विद्यालय गया।
  • सीता पुस्तक पढ़ रही है।
  • दिल्ली भारत की राजधानी है।
  • गंगा भारत की प्रसिद्ध नदी है।

व्याख्या :
यहाँ राम, सीता, दिल्ली और गंगा किसी विशेष व्यक्ति अथवा स्थान के नाम हैं। इसलिए ये व्यक्तिवाचक संज्ञाएँ हैं।

ध्यान दें: "रेलगाड़ी" और "कलम" व्यक्तिवाचक संज्ञा नहीं हैं, क्योंकि वे किसी विशेष वस्तु का नहीं बल्कि वस्तुओं की पूरी जाति का बोध कराते हैं।


2. जातिवाचक संज्ञा (Common Noun)

परिभाषा :
जिस संज्ञा शब्द से किसी व्यक्ति, प्राणी, वस्तु या स्थान की पूरी जाति अथवा वर्ग का बोध हो, उसे जातिवाचक संज्ञा कहते हैं।

उदाहरण

  • पक्षी उड़ रहे हैं।
  • लड़का खेल रहा है।
  • भारत में अनेक नगर हैं।
  • नदी जीवन का आधार है।

व्याख्या :
यहाँ पक्षी, लड़का, नगर और नदी किसी एक विशेष का नहीं बल्कि पूरी जाति का बोध करा रहे हैं।


3. भाववाचक संज्ञा (Abstract Noun)

परिभाषा :
जिस संज्ञा शब्द से किसी भाव, गुण, अवस्था, स्वभाव या दशा का बोध हो, उसे भाववाचक संज्ञा कहते हैं।

उदाहरण

  • माँ बच्चे से प्रेम करती है।
  • राम और सोहन में मित्रता है।
  • बीमारी कष्टदायक होती है।
  • महात्मा गांधी ने शांति का संदेश दिया।

व्याख्या :
यहाँ प्रेम, मित्रता, बीमारी और शांति भाव, गुण अथवा अवस्था का बोध कराते हैं। इसलिए ये भाववाचक संज्ञाएँ हैं।


4. समूहवाचक संज्ञा (Collective Noun)

परिभाषा :
जिस संज्ञा शब्द से व्यक्तियों या वस्तुओं के समूह का बोध हो, उसे समूहवाचक संज्ञा कहते हैं।

उदाहरण

  • भारत की सेना देश की रक्षा करती है।
  • कक्षा में शांति है।
  • मैदान में भीड़ एकत्र है।
  • झुंड जंगल की ओर जा रहा है।

5. द्रव्यवाचक संज्ञा (Material Noun)

परिभाषा :
जिस संज्ञा शब्द से किसी द्रव्य या पदार्थ का बोध हो, जिससे वस्तुएँ बनाई जाती हैं या जिसे तौला या नापा जा सकता है, उसे द्रव्यवाचक संज्ञा कहते हैं।

इनकी सामान्यतः गिनती नहीं होती, बल्कि तौल या माप किया जाता है।

उदाहरण

  • सोना
  • चाँदी
  • लोहा
  • ताँबा
  • दूध
  • पानी
  • तेल
  • अनाज

संज्ञा के भेद (सारणी)

संज्ञा का प्रकारपहचानउदाहरण
व्यक्तिवाचककिसी विशेष व्यक्ति, स्थान या वस्तु का नामराम, दिल्ली, गंगा
जातिवाचकपूरी जाति या वर्ग का नामलड़का, नदी, पक्षी
भाववाचकभाव, गुण, अवस्था या दशा का नामप्रेम, मित्रता, शांति
समूहवाचकसमूह का नामसेना, भीड़, झुंड
द्रव्यवाचकपदार्थ या सामग्री का नामसोना, लोहा, दूध

परीक्षा हेतु महत्वपूर्ण तथ्य

  • व्यक्तिवाचक संज्ञा → किसी एक विशेष व्यक्ति, स्थान या वस्तु का नाम।
  • जातिवाचक संज्ञा → पूरी जाति या वर्ग का नाम।
  • भाववाचक संज्ञा → भाव, गुण, अवस्था या दशा का नाम।
  • समूहवाचक संज्ञा → व्यक्तियों या वस्तुओं के समूह का नाम।
  • द्रव्यवाचक संज्ञा → पदार्थ या सामग्री का नाम, जिसकी गिनती नहीं बल्कि तौल या माप होता है।

यह रूप विद्यालय, महाविद्यालय तथा प्रतियोगी परीक्षाओं (CTET, UPTET, DSSSB, TGT, PGT, NET आदि) के लिए अधिक शुद्ध, व्याकरण-सम्मत और उपयोगी है।

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