संदेश

TGT लेबल वाली पोस्ट दिखाई जा रही हैं

हिंदी भाषा का नामकरण और क्षेत्र-विस्तार

  1. हिंदी भाषा का अर्थ हिंदी का अर्थ है “हिंद की भाषा” । “हिंद” शब्द फारसी भाषा से लिया गया है। फारसी में “स” का उच्चारण “ह” होता है, इसलिए “सिंधु” को “हिंदु” कहा गया। “हिंद” का अर्थ भारत के सिंधु नदी के पूर्व और दक्षिण का क्षेत्र है। भारत का पुराना नाम हिंद या हिंदुस्तान भी है। अतः हिंदी का अर्थ है— भारत की भाषा । 2. “हिंदी” शब्द का प्रयोग फारसी में “जबान-ए-हिंदी” का अर्थ भारत की सभी भाषाएँ था। अमीर खुसरो (1253–1325 ई.) ने “हिंदी/हिंदवी” शब्द का प्रयोग किया। जायसी (16वीं सदी) ने भी “हिंदवी” शब्द का प्रयोग किया। 18वीं शताब्दी में हिंदी और उर्दू अलग भाषाएँ बन गईं। 1800 ई. में फोर्ट विलियम कॉलेज में हिंदुस्तानी भाषा का विकास हुआ। 3. हिंदी का वर्तमान स्वरूप हिंदी मध्य भारत की संपर्क भाषा है। यह विभिन्न भाषाओं और बोलियों को जोड़ती है। यह पूरे भारत में व्यापक रूप से बोली और समझी जाती है। इसके प्रमुख रूप: खड़ी बोली (मानक हिंदी) उर्दू हिंदुस्तानी दक्खिनी हिंदी 4. हिंदी का क्षेत्र-विस्तार मानक हिंदी का आधार खड़ी बोली (दिल्ली-मेरठ क्...

आधुनिक काल (गद्यकाल)

  आधुनिक काल (गद्यकाल) परिचय हिंदी साहित्य के इतिहास का चौथा और अंतिम काल आधुनिक काल कहलाता है। इसे गद्यकाल भी कहा जाता है क्योंकि इसी काल में हिंदी गद्य का विकास आरंभ हुआ और साहित्य की भाषा के रूप में खड़ी बोली (मानक हिंदी) स्थापित हुई। आधुनिक काल की शुरुआत सामान्यतः सन् 1843 ई. (संवत् 1900 के बाद) मानी जाती है। कुछ विद्वान इसे 1850 के आसपास भी स्वीकार करते हैं। यह काल आधुनिक चेतना, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और मानव-केंद्रित विचारों का युग है। आधुनिकता का अर्थ आधुनिकता एक विचारधारा और प्रवृत्ति है, जिसकी शुरुआत फ्रांसीसी क्रांति (1789 ई.) से मानी जाती है। इसने पूरे विश्व को प्रभावित किया। आधुनिकता की प्रमुख विशेषताएँ हैं— धर्म के स्थान पर विज्ञान का महत्व भावना के स्थान पर तर्क का महत्व ईश्वर के स्थान पर मनुष्य का महत्व लोकतंत्र का विकास व्यक्तिगत स्वतंत्रता का विकास समानता, न्याय और बंधुत्व जैसे मूल्यों का उदय भारत में आधुनिकता का विकास भारत में आधुनिकता का विकास 19वीं सदी के अंत में ब्रिटिश शासन के दौरान हुआ। ब्रिटिश सरकार ने प्रशासनिक आवश्यकताओं के कारण...

भक्तिकाल (पूर्वमध्यकाल) – प्रश्नोत्तर

  1. भक्तिकाल का समय क्या है? उत्तर: संवत् 1375 से 1700 तक (1318 ई. से 1643 ई. तक)। 2. भक्तिकाल को और किस नाम से जाना जाता है? उत्तर: पूर्वमध्यकाल। 3. मध्यकाल को कितने भागों में बाँटा गया है? उत्तर: दो भागों में— पूर्वमध्यकाल (भक्तिकाल) उत्तरमध्यकाल (रीतिकाल) 4. भक्तिकाल को हिंदी साहित्य का स्वर्ण युग क्यों कहा जाता है? उत्तर: क्योंकि इस काल में भक्ति, प्रेम, समानता और उत्कृष्ट काव्य की अत्यधिक रचनाएँ हुईं। 5. भक्ति आंदोलन की शुरुआत कहाँ से हुई? उत्तर: दक्षिण भारत से। 6. भक्ति आंदोलन को उत्तर भारत में किसने फैलाया? उत्तर: रामानंद ने। 7. भक्ति काव्य की प्रमुख विशेषताएँ क्या हैं? उत्तर: ईश्वर भक्ति पर आधारित काव्य प्रेम और समर्पण की भावना सामाजिक समानता का समर्थन देशी भाषाओं (अवधी, ब्रज आदि) का प्रयोग जन-जीवन से जुड़ा साहित्य 8. भक्ति के कितने प्रकार हैं? उत्तर: दो प्रकार— निर्गुण भक्ति सगुण भक्ति 9. निर्गुण भक्ति क्या है? उत्तर: वह भक्ति जिसमें निराकार ईश्वर की उपासना की जाती है। 10. निर्गुण भक्ति की दो शाखाएँ कौन-सी हैं? ...

भक्तिकाल (पूर्वमध्यकाल)

  परिचय भक्तिकाल हिंदी साहित्य का अत्यंत महत्वपूर्ण काल है, जिसे पूर्वमध्यकाल भी कहा जाता है। इसका समय संवत् 1375 से 1700 (1318 ई. से 1643 ई.) तक माना जाता है। मध्यकाल को दो भागों में बाँटा गया है— पूर्वमध्यकाल (भक्तिकाल) उत्तरमध्यकाल (रीतिकाल) भक्तिकाल हिंदी साहित्य का वह युग है जिसमें भक्ति, प्रेम, सामाजिक समरसता और आध्यात्मिक चेतना का अत्यधिक विकास हुआ। इसी कारण इसे हिंदी साहित्य का स्वर्ण युग भी कहा जाता है। भक्ति आंदोलन की शुरुआत भक्ति आंदोलन की शुरुआत दक्षिण भारत में हुई। वहाँ के आलवार और नयनार संतों ने भक्ति भावना को विकसित किया। बाद में यह आंदोलन उत्तर भारत में आया, जहाँ इसे रामानंद ने लोकप्रिय बनाया। रामानंद ने भक्ति को जन-जन तक पहुँचाया और हिंदी साहित्य में भक्ति परंपरा को मजबूत आधार दिया। भक्तिकाल की प्रमुख विशेषताएँ भक्तिकाल की प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं— साहित्य का मुख्य विषय भक्ति और ईश्वर प्रेम था ईश्वर के प्रति समर्पण और प्रेम की भावना सामाजिक समानता और जाति-पाँति का विरोध देशी भाषाओं (अवधी, ब्रज, राजस्थानी आदि) का विकास सरल और ...

हिंदी साहित्य का आरंभ – प्रश्नोत्तर

  1. हिंदी साहित्य का आरंभ कब माना जाता है? उत्तर: हिंदी साहित्य का आरंभ लगभग सन् 1000 ई. के आसपास माना जाता है। 2. हिंदी साहित्य के काल-विभाजन का सर्वाधिक मान्य आधार किसका है? उत्तर: आचार्य रामचंद्र शुक्ल का काल-विभाजन सर्वाधिक मान्य है। 3. आचार्य रामचंद्र शुक्ल के अनुसार हिंदी साहित्य के प्रमुख काल कौन-कौन से हैं? उत्तर: आदिकाल (वीरगाथाकाल) भक्तिकाल (पूर्वमध्यकाल) रीतिकाल (उत्तरमध्यकाल) आधुनिक काल (गद्यकाल) 4. आदिकाल का समय क्या है? उत्तर: 1050–1375 विक्रम संवत् (993–1318 ई.) 5. आदिकाल का दूसरा नाम क्या है? उत्तर: वीरगाथाकाल 6. अपभ्रंश को “पुरानी हिंदी” किसने कहा है? उत्तर: चंद्रधर शर्मा गुलेरी ने। 7. आदिकाल के साहित्य को कितने भागों में बाँटा गया है? उत्तर: तीन भागों में— धार्मिक काव्य वीरगाथा काव्य स्वतंत्र काव्य 8. आदिकाल में कौन-कौन से धार्मिक सम्प्रदाय प्रमुख थे? उत्तर: सिद्ध, नाथ और जैन सम्प्रदाय। 9. सरहपा कौन थे? उत्तर: सरहपा सिद्ध सम्प्रदाय के प्रमुख कवि थे। 10. सरहपा की प्रमुख रचना क्या है? उत्तर: दोहाकोश 11. जैन ...

हिंदी साहित्य का आरंभ

  परिचय हिंदी साहित्य का आरंभ किसी एक निश्चित तिथि से नहीं माना जा सकता। सामान्यतः इसका प्रारंभ लगभग सन् 1000 ई. के आसपास माना जाता है। पिछले लगभग एक हजार वर्षों में हिंदी साहित्य का निरंतर विकास हुआ है। समय के साथ इसकी भाषा, विषय-वस्तु, शैली तथा साहित्यिक प्रवृत्तियों में अनेक परिवर्तन हुए। इन्हीं परिवर्तनों के आधार पर विद्वानों ने हिंदी साहित्य को विभिन्न कालों में विभाजित किया है। यद्यपि हिंदी साहित्य के काल-विभाजन के संबंध में अनेक विद्वानों के मत हैं, परंतु आचार्य रामचंद्र शुक्ल का काल-विभाजन सर्वाधिक प्रामाणिक और व्यापक रूप से स्वीकार किया जाता है। हिंदी साहित्य का काल-विभाजन (आचार्य रामचंद्र शुक्ल) साहित्यिक काल विक्रम संवत् ईस्वी सन् आदिकाल (वीरगाथाकाल) 1050–1375 993–1318 ई. पूर्वमध्यकाल (भक्तिकाल) 1375–1700 1318–1643 ई. उत्तरमध्यकाल (रीतिकाल) 1700–1900 1643–1843 ई. आधुनिक काल (गद्यकाल) 1900 से अब तक 1843 ई. से वर्तमान आदिकाल (वीरगाथाकाल) समय : संवत् 1050–1375 (993–1318 ई.) परिचय आदिकाल हिंदी साहित्य के विकास का प्रारंभिक काल माना जाता है। इससे पहले साहित्य की ...

रूप-रचना (लिंग एवं वचन)

  रिक्त स्थान भरिए (भाग–2) (प्रश्न 101–200) आकारांत पुल्लिंग पाँच ______ मैदान में खेल रहे हैं। (लड़का) उत्तर: लड़के ______ ने पुरस्कार जीता। (लड़का) उत्तर: लड़के मैंने ______ को बुलाया। (लड़का) उत्तर: लड़के खेत में तीन ______ दौड़ रहे हैं। (घोड़ा) उत्तर: घोड़े ______ ने पानी पिया। (घोड़ा) उत्तर: घोड़े दो ______ बगीचे में खेल रहे हैं। (बच्चा) उत्तर: बच्चे ______ ने कविता सुनाई। (बच्चा) उत्तर: बच्चे बाजार में नए ______ बिक रहे हैं। (कपड़ा) उत्तर: कपड़े मैंने दो ______ खरीदे। (कपड़ा) उत्तर: कपड़े ______ का रंग सफेद है। (कपड़ा) उत्तर: कपड़े उसके तीन ______ हैं। (बेटा) उत्तर: बेटे ______ ने माता-पिता की सेवा की। (बेटा) उत्तर: बेटे मैंने पाँच ______ सुने। (गाना) उत्तर: गाने मुझे यह ______ पसंद है। (गाना) उत्तर: गाना दस ______ में यह वस्तु मिलेगी। (रुपया) उत्तर: रुपयों मेरे पास पाँच ______ हैं। (रुपया) उत्तर: रुपये गाँव के सभी ______ एकत्र हुए। (बूढ़ा) उत्तर: बूढ़े ______ ने बच्चों को कहानी सुनाई। (बूढ़ा) उत्तर...